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फैक्ट्री में आग, अंदर सो रहे 59 में से 44 लोगों की मौत

नई दिल्ली. राजधानी में उपहार सिनेमा हादसे के 22 साल बाद बड़ा अग्निकांड हुआ। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से करीब 3.5 किमी दूर अनाज मंडी के रिहायशी इलाके में चल रही फैक्ट्री में रविवार तड़के 5:22 बजे आग लग गई। उस वक्त फैक्ट्री के अंदर 59 लोग सो रहे थे। इनमें से 44 लोगों की मौत हो गई, 15 जख्मी हैं। ज्यादातर मौतें दम घुटने (एस्फाइक्शिया) से हुई। मृतकों में ज्यादातर मजदूर बिहार के रहने वाले थे। 4 मंजिला मकान में चल रही इस फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी थी। क्राइम ब्रांच मामले की जांच करेगा।

इससे पहले 13 जून 1997 को दिल्ली के उपहार सिनेमा में लगी आग में 59 लोगों की मौत हुई थी। दिल्ली पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। ऐसे मामले में दोषी पाए जाने पर 10 साल जेल की सजा हो सकती है। फैक्ट्री मालिक फिलहाल फरार है। घायलों को एलएनजेपी, आरएमएल और हिंदूराव अस्पताल में भर्ती कराया गया। बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम भी भेजी गई।

फैक्ट्री में स्कूल बैग और खिलौने बनाए जाते थे। दमकल विभाग के अफसर सुनील चौधरी ने बताया कि फैक्ट्री में बैग्स, बॉटल और अन्य सामान रखा हुआ था। प्लास्टिक मटेरियल होने की वजह से धुआं ज्यादा हुआ, इसलिए दम घुटने से लोगों की जान गई।

दमकलकर्मियों के मुताबिक- अनाज मंडी इलाके में कई फैक्ट्रियों के पास अग्निशमन विभाग अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भी नहीं है। घना इलाका होने के चलते हमें बचाव अभियान में दिक्कत आई। एक बुजुर्ग ने बताया कि फैक्ट्री में 12-15 मशीनें लगी हुई थीं।
आग बिल्डिंग के आंतरिक सिस्टम में लगी, क्योंकि मीटर पूरी तरह सुरक्षित हैं। बिल्डिंग के सामने से गुजर रहे वायर और पोल भी सुरक्षित हैं। आग बिल्डिंग की दूसरी और तीसरी मंजिल पर लगी, जबकि बिजली के मीटर ग्राउंड फ्लोर पर लगे हैं। आग अगर मीटर से लगती तो ग्राउंड फ्लोर पर लगती, न कि दूसरी और तीसरी मंजिल पर। 

BJ-2589 2019-12-08 17:27:13 none
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