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प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना कार्यक्रम 12वीं के स्टूडेंट को सीएम शिवराज दी सौगात 80% से…

प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना कार्यक्रम 
12वीं के स्टूडेंट को सीएम शिवराज दी सौगात 
80% से ज्यादा अंक लाने पर लैपटॉप बांटेगी सरकार 
शिवराज मेधावी छात्रों को लैपटॉप…

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दिल्ली:कृषि बिल के खिलाफ किसान संगठन किसान संगठनों का भारत बंद का आह्वान

दिल्ली:कृषि बिल के खिलाफ किसान संगठन
किसान संगठनों का भारत बंद का आह्वान
सड़कों पर उतरेंगे देश भर के किसान 
31 किसान संगठनों ने बंद का किया…

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इंदौर:लॉकडाउन की सबसे बड़ी पहल व्यापारियों ने किया स्वैच्छिक बंद का एलान

इंदौर:लॉकडाउन की सबसे बड़ी पहल
व्यापारियों ने किया स्वैच्छिक बंद का एलान
शनिवार और रविवार को रहेंगे बाजार बंद 
बेकाबू होते कोरोना की रोकथाम के चलते उठाया…

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भोपाल:स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल  स्कूल शिक्षा विभाग में हुए तबादले 

भोपाल:स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल 
स्कूल शिक्षा विभाग में हुए तबादले 
रविंद्र कुमार सिंह संयुक्त संचालक लोक शिक्षण इंदौर संभाग 
मनीष वर्मा संयुक्त संचालक लोक शिक्षण…

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बाबरी मस्जिद विध्वंस पर कोर्ट का फैसला

कोर्ट का फैसला- बाबरी मस्जिद विध्वंस पूर्व नियोजित नहीं — आडवाणी, जोशी, उमा सहित सभी आरोपी बरी

म.प्र.

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    वन विभाग के दैनिक वेतनभोगियों ने किया विनियमतीकरण…

    बस्ती  । बस्ती वन प्रभाग में कार्यरत दैनिक वेतन भोगियों ने मुख्यमंत्री, वन संरक्षक बस्ती वृत्त को पत्र भेजकर वर्ष 2001 के पूर्व से कार्यरत कर्मियों के विनियमतीकरण एवं माह अप्रैल 2020 से बाकी चल रहे दैनिक पारिश्रमिक का भुगतान किये जाने की मांग किया है। उन्हें पिछले 6 माह का पारिश्रमिक नहीं मिल सका है जिससे परिवार के समक्ष जीविका का संकट है।

    पत्र में कहा गया है कि अनेकों बार वार्ता के बावजूद प्रभागीय निदेशक ने अभी तक विनयमतीकरण नहीं किया। अनेक दैनिक वेतनभोगी तो दम तोड़ चुके हैं और कुछ 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले हैं। 

    वन प्रभाग में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी गौतम कुमार, हरीराम, शत्रुघ्न, बदलू, राममिलन, रामसूरत, इकबाल, प्रदीप लाल, पारसनाथ, जगलाल, रामचेत आदि ने मांग किया है कि विनियमतीकरण के साथ ही पिछले 6 माह से बकाया दैनिक पारिश्रमिक भुगतान शीघ्र कराया जाय।

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    भोपाल:पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती आज 
    3 दिन तक चलेगा बीजेपी का महा जनसंपर्क अभियान 
    हर विधानसभा में कार्यकर्ता बाटेंगे 10 हजार मास्क
    बीजेपी का उपचुनाव वाली… Read More

सी.जी.

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    शिक्षासारथी रूपचरण मरावी अनुकरणीय पहल दिव्यांग होने के…

    बिलासपुर । दुनिया में ऐसा कोई नहीं है जिसे बिना संघर्ष के लक्ष्य हासिल हो गया हो,सकारात्मक पहल एवम स्वस्थ सोच के साथ किये प्रयासों से ही जीवन में सफलता मिलती है।समस्याओं का समाधान होता है, केवल सही सोच के साथ सकारात्मक प्रयासो द्वारा कार्य करने से, ऐसे ही व्यक्तित्व के धनी है ग्राम बिटकुली भाटापारा जिला बलौदा बाजार के रूप चरण मरावी (सुनील) जो बचपन से ही दोनों हाथों से दिव्यांग होने के बावजूद जीवन की चुनौतियों का बखूबी सामना करते हुए पढ़ई तुंहर द्वार अभियान में लॉकडाउन के समय सामुदायिक भागीदारी से ग्राम में जारी मोहल्ला स्कूल में निशुल्क सेवाएं देकर बच्चों का मार्गदर्शन कर अपना योगदान दे रहे।संकुल के समन्वयक अखिलेश गिरी गोस्वामी, प्रोफेशनल लर्निंग कमिटी बिटकुली के प्राचार्य श्री रमेश वर्मा, सचिव अभिलाष तिवारी बताते हैं कि रूपचरण बचपन से ही सरल,सहज एवं जागरूक व्यक्तित्व के धनी रहे बिटकुली से ही प्राथमिक शिक्षा ली, कक्षा 12वीं की पढ़ाई स्थानीय संकुल में की। बिल्हा कॉलेज से स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की एवं इन दिनों सीएमडी महाविद्यालय बिलासपुर से एम ए संस्कृत की पढ़ाई कर रहे हैं। कंप्यूटर में उन्होंने डिप्लोमा किया हुआ है। रोजगार के लिए प्राइवेट प्लांट में उन्होंने कुछ दिन कार्य किया , पहले रायपुर के माल में पार्किंग व्यवस्था संभालने का वह काम कर रहे थे।

    लाकडॉउन में रोजगार जाने के बाद उन्हें गांव लौटना पड़ा।इसी बीच वे लॉकडाउन अवधि में अपनी शाला के संपर्क में आए और कुछ अलग करने का निश्चय लेते हुए शिक्षा के माध्यम से सेवा के कार्य से ग्रामीण बच्चों के शैक्षणिक उन्नयन में में अपना योगदान दे रहे हैं। जिला कलेक्टर सुनील जैन और जिला शिक्षा अधिकारी सी एस ध्रुव के मार्गदर्शन में पढ़ाई टू हरिद्वार अभियान के तहत ऑनलाइन एवं वैकल्पिक माध्यम से बच्चो की शिक्षा हेतु विभिन्न प्रयास जारी है।बिटकुली प्राथमिक स्कूल की प्रधान पाठक श्रीमती शोभा वर्मा बताती हैं रूपचरण एवं उनके अन्य सहयोगियों का योगदान सही मायनों में समाज के लिएशिक्षा दर्पण की संकल्पना को साबित करता है,जिसका सीधा लाभ बच्चो को मिल रहा है।वे कक्षा पांचवी तक के बच्चों को गणित ,विज्ञान, अंग्रेजी और अन्य विषयों के बारे में पढ़ा रहे हैं एवं कक्षा पांचवी के विद्यार्थियों के लिए नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा के संबंध में भी फार्म पंजीयन से लेकर आवश्यक जानकारी दे रहे है।तीन भाई और तीन बहनों के बीच दूसरे नंबर के रूपचरण बचपन से ही शारीरिक रूप सेविकलांग होने के बावजूद अपनी कमी को अपना सबल पक्ष बनातेहुए  एक प्रेरणा के रूप बनकर शिक्षा सारथी की भूमिका निर्वहन कर रहे है।

    ज्ञातव्य हो कि रूपचरण मरावी बलौदाबाजार जिले के बिटकुली गाँव का एक दिव्यांग बेरोजगार नवयुवक है, जिनके दोनों हाथ नहीं है ,बोर्ड पर वे दोनों पैरों से लिख कर बच्चों को पढ़ाई कराते है।

    कोरोना काल में स्कूल बंद होनेसे अपने गाँव के बच्चों को व्यर्थ घूमते देख पढ़ाई के महत्व को समझते हुए उन्हीने अपने इस कठिन समय को चुनौती मानते हुए अवसर में बदलने का संकल्प लिया 7वे रोज आपने गाँव के बच्चों को एक जगह एकत्रित कर स्वेच्छा से पारा मोहल्ला क्लास ले रहे हैं ,इनके क्लास में नियमित रुप से बच्चे आते हैं 7महामारी के कठिन दौर में  उनका दृढ़संकल्प, इच्छाशक्ति एव सेवा भावना समाज के लिए प्रेरणादायक है,उन्होंने कमजोरी को कभी खुद पर हावी नही  होने दिया व अपने  गाँव के सुविधा विहीन बच्चों के लिए एक आदर्श बनकर

    अपने तीन साथियों के साथ गृहग्राम बिटकुली में मोहल्ला क्लास संचालन में बतौर शिक्षक सारथी अपनी सेवाएं दे रहे है 7 प्राइवेट संस्थान में जीविकोपार्जन का कार्य कर रहे थे। खंड शिक्षा अधिकारी अमरसिंह एवं नोडल अधिकारी भास्कर देवांगन ने कहा रुपचरन मरावी का कार्य समाज के लिए प्रेरणा स्रोत एवम अनुकरणीय है, कोरोना महामारी के समय शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सामाजिक भूमिका का निर्वहन करके युवा रूप चरण मरावी दिव्यांग होने के बावजूद ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है जो पढ़ई तूहर द्वार अभियान की यात्रा में हमेशा यादगार रहेगा। विकासखण्ड के मीडिया प्रकोष्ठ प्रभारी एवंकरहिबाजार शाला के प्राचार्य ईश्वर देवदास ने रूपचरण एव उनके साथियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने बताया हमारे नायक श्रृंखला अंतर्गत राज्य की वेबसाइट सीजी स्कूल वेब पोर्टल में बलौदा बाजार के मुकद्दर के सिकंदर शीर्षक से श्री रूप चरण मरावी की प्रेरणात्मक कार्यों को राज्य के शिक्षकों और बच्चों के अनुकरण हेतु प्रकाशित भी किया गया है।

     

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    बिलासपुर । कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक बिलासपुर कोरोना पॉजिटिव मरीजों की बेहतर स्वास्थ्य लाभ की सुविधा मुहैया कराने और संक्रमित मरीजों की रिकवरी रिपोर्ट में पूरे छत्तीसगढ़ में अव्वल रहा। एक तरफ जहां कोरोना मरीजों के बढ़ते आंकड़ों ने मुश्किलें बढ़ा रखी हैं, वहीं दूसरी तरफ मरीजों के स्वस्थ्य होने के रिकवरी रेट के आंकड़ों ने काफी हद तक राहत दी है। इस रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ के सभी 28 जिले शामिल हैं, जिसमें बिलासपुर में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 6,483 व रिकवरी करने वाले मरीजों की संख्या 4,882 है। 75 प्रतिशत रिकवरी रेट के साथ जिले ने प्रदेश में प्रथम स्थान पर कब्जा जमाने में सफलता हासिल की है।

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    हड़ताल पर गए संविदा स्वास्थ्य कर्मी अब निशुल्क…

    बिलासपुर । कोरोना संकट के बीच प्रदेश के 13,000 संविदा स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर चले गए, जिनमें डॉक्टर, नर्स ,लैब टेक्नीशियन और अन्य कर्मचारी भी शामिल है ।नियमितीकरण की मांग के साथ प्रदेश भर में हड़ताल पर गए इन कर्मचारियों पर ना तो एस्मा का डर दिखा और न हीं इनकी सेवा समाप्त करने की चेतावनी के बाद ही यह लौटे । स्वास्थ्य मंत्री ने स्वयं कहा था कि यह समय हड़ताल पर जाने का नहीं है लेकिन प्रदेश सरकार को ब्लैकमेल करते हुए जिस तरह से इन संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने इस संकट की घड़ी में हड़ताल किया है उससे उन्होंने आम लोगों की भी सहानुभूति खो दी है ।अब इस मामले में स्वास्थ्य कर्मी यूटर्न लेते दिखाई दे रहे हैं। इनके द्वारा हड़ताल के सातवें दिन काम पर लौटने की इच्छा जताई गई लेकिन अब शासन की ओर से उनके इस प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की गई ।हड़ताल को नाकाम होता देख संविदा स्वास्थ्य कर्मी वोलेंटियर के रूप में निशुल्क अपनी सेवा देना चाहते हैं लेकिन अब शासन इसे भी स्वीकार नहीं कर रहा। इसे कहते हैं चौबे जी चले थे छब्बे बनने, दुबे बनकर लौट आए। कहां तो नियमितीकरण की मांग पर यह कर्मचारी अड़े थे और अब कहां निशुल्क सेवा देने का प्रस्ताव भी सरकार स्वीकार नही कर रही हैं । असल मे शासन ने तमाम चुनौतियों के बावजूद इनका विकल्प तलाश लिया है और फिलहाल शासन इनके आगे झुकने को तैयार नहीं, जिससे अजीब सूरते हाल बन चुकी है ।लगता है नियमितीकरण की मांग को लेकर हड़ताल पर गए संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का अपने नेताओं से मोहभंग हो चुका है, इसीलिए वे काम पर वापस लौटना चाहते हैं। वैसे नियमितीकरण की मांग अनुचित नहीं है, लेकिन जिस तरह से कोरोना संकट काल मे हड़ताल का फैसला लिया गया उसकी टाइमिंग को लेकर आलोचक हैरान है। यही कारण है कि यह हड़ताल अब पूरी तरह से नाकाम होती नजर आ रही है।

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    भारतीय क्रिकेट टीम शुक्रवार को वेस्टइंडीज से टी20 मैच में दो-दो हाथ करेगी। मैच से एक दिन पहले दोनों टीमों के कप्तानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में… Read More

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    पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती आज

    पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती आज
    जयंती पर आयोजित होंगे विविध कार्यक्रम
    पीएम मोदी का बीजेपी कार्यकर्ताओं को किया संबोधित
    पं. दीनदयाल जी के आदर्श हमें प्रेरणा… Read More

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